प्रदूषण से होने वाली बीमारियों के इलाज पर बीमा कवच: स्वास्थ्य बीमा कंपनियों का बड़ा कदम

  • On: November 27, 2025
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प्रदूषण से होने वाली बीमारियों के इलाज पर स्वास्थ्य बीमा कवच दिखाता फीचर इमेज, जिसमें स्मॉग में खड़ा मास्क पहना व्यक्ति और हेल्थ इंश्योरेंस डॉक्यूमेंट व मेडिकल किट दिखाई दे रही है।

Health Insurance Plan: अब प्रदूषण से बढ़ रही श्वसन बीमारियों का भी मिलेगा पूरा कवरेज

सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक सीमा तक पहुंच जाता है। इसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, सीओपीडी (COPD), फेफड़ों में संक्रमण और सांस की तकलीफ जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इन रोगों का इलाज लंबे समय तक चलता है और काफी महंगा भी होता है। ऐसे में हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों का यह नया कदम आम लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।

अब कई बीमा कंपनियां प्रदूषण से होने वाली बीमारियों को अपने हेल्थ इंश्योरेंस प्लान के अंतर्गत कवर कर रही हैं, जिससे मरीजों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हो सकेगा।

प्रदूषण वाली बीमारियों के लिए विशेष हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी

उत्तर भारत सहित कई राज्यों में सर्दियों के दौरान स्मॉग और वायु प्रदूषण गंभीर समस्या बन जाता है। इसके कारण श्वसन तंत्र कमजोर हो जाता है और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। पहले इन बीमारियों के इलाज का खर्च पूरी तरह मरीजों को खुद उठाना पड़ता था, लेकिन अब बीमा कंपनियां इन्हें अपनी पॉलिसी में शामिल कर रही हैं।

इन नई हेल्थ पॉलिसियों के तहत प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों के इलाज पर होने वाला खर्च जैसे:

  • डॉक्टर परामर्श

  • मेडिकल टेस्ट

  • दवाइयों का खर्च

  • फॉलो-अप चेकअप

  • अस्पताल में इलाज को कवर किया जाता है।

बीमा कंपनियों का बड़ा और सराहनीय कदम

बजाज जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड के हेल्थ एडमिनिस्ट्रेशन टीम के प्रमुख भास्कर नेरुरकर के अनुसार, प्रदूषण से संबंधित बीमारियों के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए बीमा कंपनियां अब ऐसे खास हेल्थ प्लान पेश कर रही हैं जो श्वसन रोगों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए हैं।

इन प्लान्स में शामिल प्रमुख सुविधाएं:

  • फेफड़ों की जांच (Lung Function Tests)

  • तुरंत इलाज की सुविधा

  • वेलनेस प्रोग्राम

  • लंबी अवधि की देखभाल

  • प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप

क्यों जरूरी हैं ये हेल्थ इंश्योरेंस प्लान?

आज प्रदूषण सिर्फ एक मौसमी समस्या नहीं रहा, बल्कि यह सालभर लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। अस्थमा और सीओपीडी जैसी बीमारियां अब क्रॉनिक बन चुकी हैं, जिनका इलाज वर्षों तक चलता है। ऐसे में बिना बीमा के इलाज कराना आम आदमी की पहुंच से बाहर हो सकता है।

हेल्थ इंश्योरेंस प्लान:

  • आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है

  • इलाज को किफायती बनाता है

  • समय पर इलाज सुनिश्चित करता है

  • मानसिक तनाव कम करता है

ये पॉलिसियां क्या-क्या कवर करती हैं?

प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों के लिए बने इन हेल्थ प्लान्स में कई सुविधाएं शामिल होती हैं:

 OPD कवर

  • डॉक्टर से परामर्श

  • फॉलो-अप विजिट

  • टेली-कंसल्टेशन

डायग्नोस्टिक टेस्ट

  • छाती का एक्स-रे

  • सीटी स्कैन

  • पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट

दवाइयों का खर्च

  • नियमित दवाएं

  • इन्हेलर और नेबुलाइज़र

वार्षिक स्वास्थ्य जांच

  • प्रिवेंटिव हेल्थ स्क्रीनिंग

  • फेफड़ों की स्थिति की जांच

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बिना भर्ती के इलाज की सुविधा (Day-Care)

कुछ हेल्थ इंश्योरेंस प्लान्स में मरीज को रातभर अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं होती। डे-केयर ट्रीटमेंट के तहत कम समय में इलाज संभव हो जाता है, जिससे खर्च भी कम होता है और मरीज को आराम भी जल्दी मिलता है।यह सुविधा उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है जिन्हें बार-बार अस्पताल जाना पड़ता है लेकिन गंभीर भर्ती की जरूरत नहीं होती।

प्रदूषण बीमा प्लान लेने से पहले ध्यान रखें

अगर आप प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस लेने की सोच रहे हैं, तो इन बातों का जरूर ध्यान रखें:

  • पॉलिसी में OPD कवर हो

  • प्रदूषण संबंधी बीमारियों का स्पष्ट उल्लेख हो

  • वेटिंग पीरियड की जानकारी लें

  • क्लेम प्रोसेस सरल हो

  • नेटवर्क हॉस्पिटल्स की सूची जांचें

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निष्कर्ष

प्रदूषण आज एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बन चुका है और इससे जुड़ी बीमारियों का इलाज आम लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। ऐसे में हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा प्रदूषण से होने वाली बीमारियों को कवर करना एक बेहद सकारात्मक और आवश्यक कदम है। यह न सिर्फ आर्थिक सुरक्षा देता है बल्कि लोगों को समय पर बेहतर इलाज भी सुनिश्चित करता है।

अगर आप भी प्रदूषण प्रभावित क्षेत्र में रहते हैं, तो एक उपयुक्त हेल्थ इंश्योरेंस प्लान जरूर लें और अपने तथा अपने परिवार के स्वास्थ्य को सुरक्षित बनाएं।

Tags: Health Insurance Plan, | Pollution Related Diseases, | Air Pollution Health Ris,
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FAQ's

The CMAT City Intimation Slip is a document released by the National Testing Agency (NTA) that tells candidates the city where their CMAT 2026 exam centre has been allotted. It helps candidates plan travel and stay before the exam day.

No. The city slip only shows the allotted exam city, whereas the CMAT admit card (released later) contains full details including the actual centre address, exam timings, reporting instructions, and entry requirements.

You can download it from the official CMAT website at cmat.nta.nic.in by logging in using your application number and date of birth (or password) once the city slip link is active.

No. Once the city is allotted and shown on the city slip, you cannot change it later. Any changes must have been done during the application or correction window before the city slip was released.

Note your allotted city and prepare travel plans if required.

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