March 14, 2026 • Updated 27 day ago

World Para Athletics Grand Prix 2026 में शैलेश कुमार ने जीता गोल्ड, भारत के लिए रचा नया इतिहास

Shailesh Kumar wins gold in T63 high jump at World Para Athletics Grand Prix 2026 New Delhi

भारत के उभरते हुए पैरा-एथलीट Shailesh Kumar ने World Para Athletics Grand Prix में शानदार प्रदर्शन करते हुए T63 हाई जंप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। यह प्रतियोगिता Jawaharlal Nehru Stadium, New Delhi में आयोजित हुई थी।

शैलेश ने 1.84 मीटर की ऊंचाई पार कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस जीत के साथ ही भारतीय खिलाड़ियों ने इस स्पर्धा में पूरे पोडियम पर कब्जा कर लिया, जो भारतीय पैरा-एथलेटिक्स के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

शैलेश कुमार का जीवन परिचय

Shailesh Kumar का जन्म 8 अगस्त 2000 को Jamui, Bihar में हुआ था। बचपन में उन्हें पोलियो हो गया था, जिसके कारण उनका दाहिना पैर प्रभावित हो गया।

लेकिन शारीरिक चुनौती के बावजूद उन्होंने खेलों में रुचि बनाए रखी और आगे चलकर पैरा-एथलेटिक्स में अपना करियर बनाया।

शुरुआत में उन्होंने सामान्य (एबल-बॉडी) प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लिया और 2016 में बिहार सब-जूनियर नेशनल्स में गोल्ड मेडल जीता।

इसके बाद 2016 Rio Paralympics के दौरान उन्हें पैरा-स्पोर्ट्स की विभिन्न श्रेणियों के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने पूरी तरह से पैरा-एथलेटिक्स में ध्यान देना शुरू किया।

वर्तमान में वे Child Development Project Officer (CDPO) के रूप में कार्यरत हैं और Bengaluru में प्रशिक्षण ले रहे हैं।

World Para Athletics Grand Prix में क्या हुआ?

13 मार्च 2026 को आयोजित T63 पुरुष हाई जंप फाइनल में शैलेश कुमार ने 1.84 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता।

इस स्पर्धा में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरा पोडियम अपने नाम किया।

  • 🥇 Gold: Shailesh Kumar – 1.84m
  • 🥈 Silver: Ramsingbhai Gov Padhiyar – 1.65m
  • 🥉 Bronze: Lokesh Mantra – 1.60m

हालांकि यह शैलेश का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं था। उन्होंने 2025 विश्व चैंपियनशिप में 1.91 मीटर की ऊंचाई पार कर रिकॉर्ड बनाया था।

फिर भी, यह जीत उनके लिए महत्वपूर्ण रही क्योंकि वे पिछले साल घुटने की चोट से जूझ रहे थे और यह उनके सीजन की शानदार शुरुआत है।

T63 श्रेणी क्या होती है?

T63 कैटेगरी उन पैरा-एथलीट्स के लिए होती है जिनके निचले अंगों में विकलांगता होती है और वे प्रतियोगिता में प्रोस्थेटिक (कृत्रिम) पैर का उपयोग करते हैं।

यह श्रेणी World Para Athletics और International Paralympic Committee द्वारा निर्धारित की जाती है ताकि सभी खिलाड़ियों को समान अवसर मिल सके।

इस प्रतियोगिता में 200 से अधिक भारतीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने भाग लिया। भारत ने कुल 208 पदक (75 गोल्ड) जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया।

चोट के बाद शानदार वापसी

Shailesh Kumar ने 2025 विश्व चैंपियनशिप के बाद घुटने में दर्द का सामना किया। इसके बाद उन्होंने जल्दबाजी में रिकॉर्ड बनाने की बजाय धीरे-धीरे वापसी की रणनीति अपनाई।

उन्होंने अपनी टेक-ऑफ तकनीक और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया, जिससे उनकी फिटनेस और प्रदर्शन दोनों में सुधार हुआ।

वे Mariyappan Thangavelu के साथ बेंगलुरु में प्रशिक्षण लेते हैं, जो भारत के प्रसिद्ध पैरालंपिक हाई जंपर हैं।

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शैलेश कुमार का भविष्य लक्ष्य

अब शैलेश का अगला बड़ा लक्ष्य Asian Para Games 2026 है।

उनका लक्ष्य अपनी तकनीक में सुधार कर 1.91 मीटर से अधिक ऊंचाई पार करना है।

उनकी अब तक की प्रमुख उपलब्धियां:

  • 🥇 2025 World Championships – Gold Medal (Championship Record)
  • 🥈 2023 World Championships – Silver Medal
  • 🏅 2024 Paris Paralympics – 4th Place

उनकी इस उपलब्धि पर भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी उन्हें बधाई दी, जो पैरा-स्पोर्ट्स के प्रति देश के बढ़ते समर्थन को दर्शाता है।

निष्कर्ष

Shailesh Kumar की यह सफलता न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि यह भारत में पैरा-एथलेटिक्स के तेजी से बढ़ते स्तर का भी प्रमाण है।

बिहार के एक छोटे से जिले से निकलकर विश्व स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना यह दिखाता है कि लगन, मेहनत और सही प्रशिक्षण से किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है।

आने वाले Asian Para Games 2026 में उनसे और भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है, जो भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर और गौरव दिला सकता है।

Anjali Almiya

By: Anjali Almiya

Last updated: March 14, 2026

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