March 26, 2026 • Updated 15 day ago

Prakriti 2026 क्या है? भारत के Carbon Market Portal और Climate Vision की नई शुरुआत

Prakriti Summit 2026 at Yashobhoomi New Delhi and launch of Indian Carbon Market Portal India

Prakriti Summit 2026 भारत में आयोजित एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन है, जिसका उद्देश्य कार्बन मार्केट, जलवायु वित्त (Climate Finance) और हरित विकास (Green Growth) को बढ़ावा देना है। यह सम्मेलन 19 से 22 मार्च 2026 तक Yashobhoomi Convention Centre में आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार ने Indian Carbon Market Portal लॉन्च किया, जो देश में कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग और उत्सर्जन में कमी को ट्रैक करने के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यह पहल भारत को Net Zero लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

यह सम्मेलन Bureau of Energy Efficiency (BEE) द्वारा Ministry of Power और Ministry of Environment, Forest and Climate Change के सहयोग से आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम Bharat Electricity Summit 2026 का हिस्सा था।

PRAKRITI का पूरा नाम (Full Form)

PRAKRITI एक संक्षिप्त रूप है जिसका अर्थ है:

P – Promoting
R – Resilience
A – Awareness
K – Knowledge
R – Resources
I – Integrating
T – Transformational
I – Initiatives

इसका मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए जागरूकता, संसाधनों और नवाचार को बढ़ावा देना है।


Prakriti Summit 2026 का उद्देश्य

Prakriti 2026 सम्मेलन का लक्ष्य भारत और वैश्विक समुदाय को कार्बन मार्केट और जलवायु वित्त के माध्यम से सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाना है।

मुख्य उद्देश्य:

  1. भारत के Carbon Market को मजबूत करना
  2. Carbon Credit Trading को बढ़ावा देना
  3. जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए नई तकनीकों को बढ़ावा देना
  4. Global Climate Finance में भारत की भूमिका को मजबूत करना
  5. Net Zero लक्ष्य प्राप्त करने के लिए रणनीतियों पर चर्चा

Indian Carbon Market Portal क्या है?

Indian Carbon Market Portal एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसे भारत में कार्बन उत्सर्जन को ट्रैक करने, प्रमाणित करने और ट्रेड करने के लिए बनाया गया है।

यह पोर्टल भारत की Carbon Credit Trading Scheme (CCTS) का डिजिटल आधार (Digital Backbone) है।

इसका उपयोग उद्योगों, कंपनियों और अन्य संगठनों द्वारा उत्सर्जन में कमी के प्रयासों को रिकॉर्ड और ट्रेड करने के लिए किया जाएगा।


Indian Carbon Market Portal की प्रमुख विशेषताएँ

1️⃣ Emission Tracking System
उद्योगों और कंपनियों के कार्बन उत्सर्जन को डिजिटल रूप से ट्रैक किया जाएगा।

2️⃣ Carbon Credit Trading Platform
कंपनियाँ कार्बन क्रेडिट खरीद और बेच सकेंगी।

3️⃣ Verification Mechanism
उत्सर्जन में कमी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि (Verification) की जाएगी।

4️⃣ Transparency और Accountability
पूरा सिस्टम डिजिटल और पारदर्शी होगा।

5️⃣ Policy Integration
यह पोर्टल भारत की जलवायु नीतियों और अंतरराष्ट्रीय मानकों से जुड़ा रहेगा।


Carbon Credit Trading Scheme (CCTS) क्या है?

Carbon Credit Trading Scheme (CCTS) एक ऐसा सिस्टम है जिसमें कंपनियों को उत्सर्जन कम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

इस प्रणाली में:

  • जो कंपनियाँ कम कार्बन उत्सर्जन करती हैं, उन्हें Carbon Credits मिलते हैं
  • जिन कंपनियों का उत्सर्जन अधिक होता है, वे इन क्रेडिट्स को खरीद सकती हैं

इससे उद्योगों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित किया जाता है।

Read Also : भारत की कुल ऊर्जा खपत और मांग: भारत को तेल, कोयला और गैस कहाँ से मिलती है?


भारत के Net Zero लक्ष्य में Carbon Market की भूमिका

भारत ने 2070 तक Net Zero Emissions हासिल करने का लक्ष्य रखा है। Carbon Market इस लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्य योगदान:

  • औद्योगिक उत्सर्जन में कमी
  • स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा
  • हरित निवेश (Green Investment) को आकर्षित करना
  • Climate Finance को मजबूत करना
  • Sustainable Development को बढ़ावा देना

Prakriti 2026 का वैश्विक महत्व

Prakriti 2026 सम्मेलन ने भारत को Global Climate Leadership के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।

इस सम्मेलन में शामिल हुए:

  • अंतरराष्ट्रीय नीति निर्माता
  • जलवायु विशेषज्ञ
  • उद्योग प्रतिनिधि
  • वित्तीय संस्थान
  • पर्यावरण संगठनों के प्रतिनिधि

इससे भारत के Carbon Market Ecosystem को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली।


निष्कर्ष

Prakriti Summit 2026 और Indian Carbon Market Portal भारत के जलवायु मिशन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। डिजिटल तकनीक, कार्बन ट्रेडिंग और नीति सुधारों के माध्यम से भारत न केवल अपने NDCs (Nationally Determined Contributions) को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, बल्कि वैश्विक जलवायु प्रयासों में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

इन पहलों से भारत की Green Economy, Clean Energy Transition और Sustainable Development को नई गति मिलने की उम्मीद है।

Anjali Almiya

By: Anjali Almiya

Last updated: March 26, 2026

Share this post: