April 30, 2026 • Updated 26 day ago

हल्दीराम का मालिक कौन है? जानिए इस मशहूर स्नैक ब्रांड की पूरी कहानी

हल्दीराम का मालिक कौन है और Haldiram ब्रांड की पूरी कहानी

भारत में नमकीन और मिठाइयों की बात हो और हल्दीराम का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। भुजिया से लेकर स्वादिष्ट मिठाइयों और रेस्टोरेंट तक, हल्दीराम आज हर घर की पसंद बन चुका है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर हल्दीराम का मालिक कौन है? और इस बड़े ब्रांड के पीछे किसकी मेहनत है? आइए इस ब्लॉग में विस्तार से जानते हैं।


हल्दीराम की शुरुआत कैसे हुई?

हल्दीराम की कहानी साल 1937 में राजस्थान के बीकानेर से शुरू होती है। इसके संस्थापक थे गंगाभीशन अग्रवाल, जिन्हें लोग प्यार से हल्दीराम जी कहते थे।

उन्होंने एक छोटी सी दुकान से भुजिया बेचना शुरू किया। उनकी भुजिया का स्वाद बाकी से अलग था—ज्यादा कुरकुरी और स्वादिष्ट। धीरे-धीरे उनकी यह खास रेसिपी लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हो गई।

यही छोटी सी दुकान आगे चलकर भारत के सबसे बड़े स्नैक ब्रांड्स में से एक बन गई।


हल्दीराम को आगे किसने बढ़ाया?

संस्थापक के बाद इस बिजनेस को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का श्रेय उनके परिवार को जाता है। खासतौर पर शिव किशन अग्रवाल ने इस ब्रांड को देशभर में फैलाने में अहम भूमिका निभाई।

उन्होंने हल्दीराम को सिर्फ एक स्थानीय दुकान से निकालकर एक राष्ट्रीय ब्रांड बनाया।


हल्दीराम का मालिक कौन है?

यहां बात थोड़ी दिलचस्प हो जाती है।

हल्दीराम किसी एक व्यक्ति के स्वामित्व में नहीं है। यह अग्रवाल परिवार के अलग-अलग हिस्सों द्वारा संचालित किया जाता रहा है।

1. हल्दीराम नागपुर

  • यह यूनिट शिव किशन अग्रवाल के परिवार द्वारा संचालित की जाती है
  • मुख्य रूप से दक्षिण और पश्चिम भारत के बाजार को संभालती है

2. हल्दीराम दिल्ली

  • इसे मनोहर लाल अग्रवाल और मधुसूदन अग्रवाल का परिवार चलाता है
  • यह यूनिट उत्तर भारत, एक्सपोर्ट और इंटरनेशनल मार्केट को कवर करती है

क्या अब हल्दीराम एक ही कंपनी बन चुकी है?

हाल के वर्षों में हल्दीराम के अलग-अलग हिस्सों को मिलाकर एक बड़ा कदम उठाया गया।

Haldiram Snacks Food नाम से एक नई संयुक्त कंपनी बनाई गई, जिसमें परिवार की अलग-अलग शाखाओं ने अपने बिजनेस को एक साथ जोड़ दिया।

इसका उद्देश्य ब्रांड को और मजबूत बनाना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करना है।

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हल्दीराम की सफलता का राज

हल्दीराम की सफलता के पीछे कई कारण हैं:

  • पारंपरिक स्वाद को बरकरार रखना
  • गुणवत्ता से कभी समझौता न करना
  • नए-नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करना
  • भारत के साथ-साथ विदेशों में भी विस्तार

निष्कर्ष

हल्दीराम सिर्फ एक ब्रांड नहीं, बल्कि एक पारिवारिक विरासत है।
गंगाभीशन अग्रवाल की छोटी सी दुकान से शुरू हुआ यह सफर आज एक ग्लोबल स्नैक ब्रांड बन चुका है।

आज हल्दीराम का मालिक कोई एक व्यक्ति नहीं, बल्कि अग्रवाल परिवार की विभिन्न शाखाएं हैं, जिन्होंने मिलकर इसे इस मुकाम तक पहुंचाया है।

Anjali Almiya

By: Anjali Almiya

Last updated: April 30, 2026

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